ExtraTorrent.st - The Largest Bittorent System
Latest Articles
Most searched
ExtraTorrent.st > Categories > Books torrents > Ebooks torrents


Browse Books torrents

Nirmala(Novel)_Premchand_bhayaji007 torrent


Download torrent: Magnet link
Info hash: FE37E43456AC1FDA189F4FD8F3BE7A44EC22CAEC
Category: Categories > Books torrents > Ebooks torrents
Trackers:
udp://tracker.coppersurfer.tk:6969/announce
udp://9.rarbg.me:2850/announce
udp://9.rarbg.to:2920/announce
udp://tracker.opentrackr.org:1337
udp://tracker.leechers-paradise.org:6969/announce
Health:
 seeds: 1, leechers: 0
Torrent language:  
Total Size: 9.92 MB
Uploader:
bhayaji007
Torrent added:2013-09-03 14:12:34

Download Nirmala(Novel)_Premchand_bhayaji007 torrent




Torrent Description
निर्मला, मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दी उपन्यास है। इसका प्रकाशन सन १९२७ में हुआ था। सन १९२६ में दहेज प्रथा और अनमेल विवाह को आधार बना कर इस उपन्यास का लेखन प्रारम्भ हुआ। इलाहाबाद से प्रकाशित होने वाली महिलाओं की पत्रिका 'चाँद' में नवम्बर १९२५ से दिसंबर १९२६ तक यह उपन्यास विभिन्न किस्तों में प्रकाशित हुआ।
महिला-केन्द्रित साहित्य के इतिहास में इस उपन्यास का विशेष स्थान है। इस उपन्यास की कथा का केन्द्र और मुख्य पात्र 'निर्मला' नाम की १५ वर्षीय सुन्दर और सुशील लड़की है। निर्मला का विवाह एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति से कर दिया जाता है। जिसके पूर्व पत्नी से तीन बेटे हैं। निर्मला का चरित्र निर्मल है, परन्तु फिर भी समाज में उसे अनादर एवं अवहेलना का शिकार होना पड़ता है। उसकी पति परायणता काम नही आती । उस पर संदेह किया जाता है, उसे परिस्थितियां उसे दोषी बना देती है। इस प्रकार निर्मला विपरीत परिस्थितियों से जूझती हुई मृत्यु को प्राप्त करती है।
निर्मला में अनमेल विवाह और दहेज प्रथा की दुखान्त कहानी है। उपन्यास का लक्ष्य अनमेल-विवाह तथा दहेज़ प्रथा के बुरे प्रभाव को अंकित करता है। निर्मला के माध्यम से भारत की मध्यवर्गीय युवतियों की दयनीय हालत का चित्रण हुआ है। उपन्यास के अन्त में निर्मला की मृत्यृ इस कुत्सित सामाजिक प्रथा को मिटा डालने के लिए एक भारी चुनौती है। प्रेमचन्द ने भालचन्द और मोटेराम शास्त्री के प्रसंग द्वारा उपन्यास में हास्य की सृष्टि की है।
निर्मला के चारों ओर कथा-भवन का निर्माण करते हुए असम्बद्ध प्रसंगों का पूर्णतः बहिष्कार किया गया है। इससे यह उपन्यास सेवासदन से भी अधिक सुग्रंथित एवं सुसंगठित बन गया है। इसे प्रेमचन्द का प्रथम ‘यथार्थवादी’ तथा हिन्दी का प्रथम ‘मनोवैज्ञानिक उपन्यास’ कहा जा सकता है। निर्मला का एक वैशिष्ट्य यह भी है कि इसमें ‘प्रचारक प्रेमचन्द’ के लोप ने इसे ने केवल कलात्मक बना दिया है, बल्कि प्रेमचन्द के शिल्प का एक विकास-चिन्ह भी बन गया है।

Download Nirmala(Novel)_Premchand_bhayaji007 torrent


Related Torrents

Added  Size  Health
Download Magnet link   Nirmala V., Pandikani M.. Discrete Mathematics 2025 in Ebooks , by
andryold1
7m 10.81 MB 30 2
Download Magnet link   Nothing Personal: Seeing Beyond the Illusion of a Separate Self by Nirmala MOBI in Ebooks , by
zakareya
4y 355.10 KB 0 0
Download Magnet link   Nirmala By Premchand in Ebooks , by
Anonymous
12y 503.64 KB 0 0




Home - Browse Torrents
ExtraTorrent.st is in compliance with copyrights
2025 ExtraTorrent.st